Freelance Falcon ~ Weird Jhola-Chhap thing ~ ज़हन
- Mohit Sharma (Trendy Baba / Trendster)

Saturday, May 21, 2016

Dushman (Anti-Body) Short film - Original Sequence, Behind the Scenes...etc

कल पुणे के थीएट्रिकस ग्रुप द्वारा एलियन हैंड सिंड्रोम नामक मानसिक विकार (जिसमे व्यक्ति का एक हाथ कभी-कभी उसके नियंत्रण से बाहर होकर अपनी मर्ज़ी से हिलने-डुलने लगता है, चीज़ें पकड़ने लगता है और कुछ मामलों में लोगो पर या स्वयं पीड़ित पर हमला करता है) पर मेरी लिखी कहानी-स्क्रिप्ट पर 'दुश्मन (एंटी-बॉडी)' नामक शॉर्ट फिल्म बनायीं।


जिसके लिए मुझे अबतक अच्छी प्रतिक्रियाएं ज़्यादा मिली हैं। टीम ने उम्मीद से अच्छा काम किया है। वैसे फिल्म को मैंने एक लड़की किरदार के हिसाब से लिखा था पर कास्टिंग में समस्या होने की वजह से स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी और तुफ़ैल ने मुख्य भूमिका निभाई। इस फिल्म को फाइनैंस मैंने किया था और फिल्म बनते समय कुछ दृश्य कम बजट की वजह से हटाने पड़े। पुणे से इतनी दूर सिर्फ इंटरनेट के माध्यम से कोलैबोरेशन करने की वजह से कुछ बातें खासकर मेडिकल, साइंटिफिक कोण फिल्म में मंद पड़ गए या हो नहीं पाये। ओवरआल जितना अच्छा किया जा सकता था उतना हो नहीं पाया, जिसकी ज़िम्मेदारी मैं लेता हूँ। शायद इसलिए कि इस जटिल आईडिया को कार्यान्वित करने में कई बातों का ध्यान रखते हुए बहुत सावधानी बरतनी थी। वैसे ऐसा मेरे साथ पहले कई बार हुआ है पर तब सोचा गया आईडिया और फाइनल रिजल्ट में अंतर कम या काम चलाऊ होता था। चलिए इस बहाने कई बातें सीखी इस दौरान। सबसे बड़ी बात यह की अगर आप कहीं मौजूद नहीं हो सकते तो जटिल कहानियां, सीन को इस तरह प्रेषित करें कि वह आसान लगे करने वालो को, किरदार कर रहे लोग कनेक्ट करें। साथ ही किसी भी माध्यम के कलाकारों चाहे वो चित्रकार हो, ग्राफ़िक डिज़ाइनर हो, अभिनेता हो या और कोई रचनाकार हो...माध्यम में उनके सकारात्मक पहलुओं और कमियों के हिसाब से आईडिया या कहानी की नींव रखनी चाहिए। इसे मेरी सफाई मत समझिए बस कभी आगे भूल जाऊं इसलिए सबकी मदद के लिए, एक रिफरेन्स की तरह, सबसे शेयर करना चाहता था। यहाँ जो सोचा था इस फिल्म को बनाने से पहले उसके मुख्य अंश लिख रहा हूँ। 

===================

1. Story Plot

सोनल को ग्रेजुएशन के बाद नौकरी मिलती है और वह उत्साह के साथ कंपनी ज्वाइन करती है। अपनी मिलनसार, jolly-chirpy नेचर की वजह से वह सबसे घुल - मिल जाती है। कुछ महीनो बाद एक एक्सीडेंट (सीढ़ियों से गिरकर / रोड एक्सीडेंट) में उसके सर पर चोट लगती है जिसके बाद से उसके अंदर धीरे-धीरे "Alien Hand Syndrome" के लक्षण दिखने लगते है। शुरू में पब्लिक प्लेसेस पर राइट हैंड में झटके से लगना, लोगो के सर या कमर पर हलके से मारना फिर स्थिति बिगड़ना - एक हाथ द्वारा उल्टा-सीधा मेकअप कर देना, स्ट्रीट मार्किट में कोई चीज़ उठा लेना जो उसे नहीं चाहिए: दुकानदार के पूछने पर मना करना पर उस चीज़ को ना छोड़ना फिर दुकानदार से लड़ाई / बहस, colleague-boss को पीटना और फिर बिना उसकी बात सुने पागल, चुड़ैल आदि संज्ञा देकर उसे नौकरी से निकाला जाना  etc . इस सब के दौरान उसकी दोस्त तान्या हमेशा उसके साथ रहती है।

नौकरी जाने के साथ-साथ इस डिसऑर्डर की वजह से उसका ब्रेकअप भी हो जाता है। परेशान होकर उसे अपना राइट हैंड काटने के अलावा कोई चारा नहीं दिखता, वो अपना हाथ काट लेती है, उसकी लाइफ दोबारा सामान्य हो जाती है। पर थोड़े दिन बाद एक रात वो साँस रुक जाने से जागती है और देखती है की उसके लेफ्ट हैंड ने उसका गला पकड़ रखा है।  

==================

2. एलियन हैंड सिंड्रोम (मेकअप सीन)

सोनल को ऑफिस लौटने की जल्दी थी। आखिर नयी जॉब में कुछ दिनों बाद ही लंबी छुट्टी लेना कहाँ जमता है। वजह चाहे जायज़ भी हो पर अंजान शहर में खुद को साबित करने की राह शुरू करते ही स्पीडब्रेकर आत्मविश्वास डिगा देता है। अब एक्सीडेंट के बाद से सर में होने वाला दर्द काफी कम हो गया था। उसने बॉस और साथियों को बता दिया था कि वह आज से ऑफिस आएगी। अकेले रहने का यह फायदा भी था कि सोनल की एक हॉबी मेकअप तसल्ली से होता है। मस्कारा, नेल आर्ट, फाउंडेशन, हेयर स्ट्रीक सब में मास्टरी, खुद पर इतने प्रयोग जो किये थे बचपन से अबतक। नहीं तो कसबे के छोटे घर में कभी मम्मी झाँक के देख रही हैं, कभी पापा फाइल उठाने या जूते का रैक झाड़ने आ गए, एक कमांडो की तरह लाइट मेकअप करना पड़ता था। 

अचानक सोनल को दाएं हाथ में एक झटका लगा। शायद नस फड़की होगी सोच कर सोनल वापस अपनी हॉबी में तल्लीन हो गयी। तभी उसका उसकी मर्ज़ी के बिना हाथ मस्कारा उठाकर उसकी आँखों के चारो तरफ गोले बनाने लगा। सोनल की डर से घिग्घी बन्ध गयी। 

"ये हो क्या रहा है? कहीं मुझमे कोई भूत-चुड़ैल तो नहीं आ गया? नहीं....नहीं मुझे ऑफिस जाना है। शायद नींद में हूँ!"

सोनल ने मस्कारा के निशान साफ़ करने के लिए हाथ बढ़ाया तो दांया हाथ ड्रेसिंग टेबल पर पड़े मेकअप के सामान पर झपट पड़ा और दहाड़ें मारती सोनल पर अलग-अलग आकृतियां बनाने लगा। कुछ देर बाद जब वह हाथ रुका और सोनल के आया तब तक सोनल थक कर निढाल हो चुकी थी। सर में फिर से दर्द शुरू हो गया था, शीशे के सामने मेकअप से वीभत्स हुआ चेहरा देख वह बेहोश होकर सीधे शीशे पर गिरी। जब होश आया तो सोनल ने खुद को संभाल कर ऑफिस फ़ोन किया कि वह आज नहीं आ सकती।

==================

3. Basic Scene/Sequence Break 

सीन 1 (short scene)

सोनल (फ़ोन पर) - "डैड! मुझे नौकरी मिल गयी। अपने बैच में सबसे पहले। आप चिंता मत करो मेरे साथ यहाँ तानिया है।"

सीन 2 (short scene)

सोनल अपने ऑफिस में बॉस और कलीग्स से formally मिलती हुयी। 

सीन 3 (split)

सोनल सीढ़ियों से गिरती है या उसकी स्कूटी का एक्सीडेंट होता है (अगर ज़्यादा रिस्क है तो symbolic दिखा दें।) उसके सिर में चोट लगती है। Head Injury क़े लिये bandage दिखायें। तानिया एक कमरे में उसके पास बैठी है। 

तानिया - "सब ठीक हो जायेगा सोनल, तू बहुत स्ट्रांग है।"

सीन 4 (split)
*) - इसके बाद सोनल रिकवर करती है पर वह धीरे-धीरे एलियन हैंड सिंड्रोम के लक्षण दिखाने लगी। 

i) - Doing makeup and one of her hands making bizarre figures on her face from maskara, powder etc.

अपने बिगड़े हुए चेहरे के साथ सोनल रोते हुए ऑफिस फोन कर रही है - "आज मैं ऑफिस नहीं आ पाऊँगी।"
ii) - . Alien Hand grabbing articles from street market and surprised vendor.
वेंडर - "मैडम पर्स चाहिए तो बोलो, ऐसे हैंडल टूट जाएगा।"
सोनल - "नहीं!!! मुझे यह पर्स नहीं चाहिए। (बड़ी मुश्किल से सोनल पर्स नीचे रखती है)
सोनल अब एक बेल्ट खींचने लगती है। 
वेंडर - "मैडम या तो तुम पागल है या चोर, जो भी हो यहाँ से निकलो नहीं तो constable को बुलाऊंगा।"
सोनल - "मै चोर नहीं हूँ...कितने की है ये बेल्ट, कितने का पर्स है, ला दे। पागल नहीं हूँ!"

सीन 5
 Sonal beating a colleague and when her boss interferes she beats him, Embarrassed Sonal is fired from her job. (People calling her crazy not believing her rare disorder)

Colleague 1 (साहिल) - "सोनल तुम्हे सर ने clients की जो लिस्ट दी थी वो मुझे चाहिए।"
सोनल उसके बाल पकड़ कर पीटने लगती है। 
साहिल - "अरे.....क्या मज़ाक है यह? छोडो मुझे। "
Colleague 2 (Rahul) - "सोनल छोडो साहिल को, ये तुम्हारा college नहीं है। "
बॉस आता है। 
बॉस - "सोनल क्या हुआ? साहिल ने कुछ किया क्या तुम्हारे साथ? डरो मत मुझे बताओ!"
सोनल - "यह मैं नहीं... सर सॉरी but मैं तो... "
सोनल का हाथ साहिल को छोड़ कर उसके boss को मारने लगता है। 
साहिल - "पागल... पागल है यह लड़की।"
बॉस - "सोनल अभी के अभी यहाँ से निकलो। तुमने जितने दिन का काम किया है उतने पैसे तुम्हारे अकाउंट में आ जाएंगे। यू आर फायर्ड!"

सीन 6 (Short) 
Her Boyfriend breaking up with her (on phone only)

सीन 7
 आख़िरकार परेशान होकर उसने अपना हाथ काट दिया। 
(Dark Circles under her eyes, वो अपने हाथ को पकड़ कर उसे डाँट रही है उसपर चिल्ला रही है। जवाब में उसका हाथ उसे मार रहा है, बाल खींच रहा है। परेशान होकर वह अपना हाथ काट लेती है। हाथ काटने के बाद उसे पकड़ कर सोनल चिल्लाती है - "अब मार मुझे, मार। अपनी मर्ज़ी से हिल। " (पीछे चीखती हुयी तानिया - "यह क्या कर दिया सोनल!"

सीन 8
 (After few weeks) लाइफ फिर से नार्मल हुयी। 
सोनल (तानिया से) - हाँ, डिसेबल्ड quota में एक गवर्नमेंट बैंक में क्लर्क कि जॉब है। फैमिली की बहुत expectations है, ऐसे सब ख़त्म नहीं हो सकता। मैं कल ऑफिस ज्वाइन करुँगी। 
तानिया - "You are a fighter, इतना सब होने के बाद भी तुमने हिम्मत नहीं हारी। I am proud of you!"

सीन 9
 फिर उस रात वो उठती है और देखती है उसके दूसरे हाथ ने उसका गला पकड़ रखा है। 

The End!

मोहित शर्मा ज़हन

#mohitness #mohit_trendster #theatrix #trendybaba #freelance_talents #freelancetalents

1 comment:

  1. यह कहानी उस कहानी से अलग अंत लिए हुए हैं...उसमे लड़का मर जाता है..और इसमें आपने यह चीज़ हटा ली है..कि लड़की के साथ अंत में क्या हुआ होगा! यह वाला अंत ज्यादा अच्छा था बजाय जो बना है!
    आपका लड़की को मुख्य किरदार में लेने का आईडिया बिलकुल सही था! ऐसी अजीब बीमारी लड़की पर ज्यादा effective नज़र आती है!
    अगर पूरी फिल्म वैसी ही बनती जो इस कहानी का असली फॉर्मेट था..तो बेहतर ही होती! अगले किसी भी प्रोजेक्ट में बजट और कहानी के बीच तालमेल बनाकर ही बनाएं! क्यूंकि इस ग्रुप ने 2 प्रोजेक्ट कर लिए हैं...जिसमे पहले प्रोजेक्ट "बावरी बेरोजगारी" में भी सही कास्टिंग की परेशानी आई थी..और यहाँ भी! इस बड़ी कमी से जल्द निजात पाने की जरूरत है! क्यूंकि हर फिल्म के साथ आगे बेहतर पाने की इच्छा दर्शक रखते हैं! और Theatrix को अगर नाम बनाना है तो कोशिश भी उसी मुताबिक करनी होगी..कि लोग उनको याद रख पाएं!

    ReplyDelete