Freelance Falcon ~ Weird Jhola-Chhap thing ~ ज़हन

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Sunday, February 21, 2016

फिरोज़ी अनानास - मोहित शर्मा ज़हन #trendster

वैज्ञानिक नोमन आज कुछ पगलाया सा था। ख़ुशी में हल्काहट, बीच-बीच में उसकी चाल से अपने आप नाच तक निकल रहा था। कई हफ़्तों की मेहनत के बाद उसने एक उल्कापिंड के टुकड़ो के गिरने के स्थान को चिंहित करने के साथ एक अनूठी खोज की थी। उल्कापिंड के टुकड़े जिस घने जंगली, सुनसान स्थान पर गिरे थे वहां बहुत से अनानास के पेड़ थे। उल्कापिंड में मौजूद तत्वों के प्रभाव से अनानास के पेड़ और फल विशालकाय और फिरोज़ी रंग के हो गए थे। अब नोमन दुविधा में था। अगर किसी और को या सरकार को बताया तो संभव है कि इस खोज का श्रेय, आगे का अनुसंधान और पैसा किसी और को मिल जाए, इसलिए इन परिवर्तित फिरोज़ी अनानास का असर वह जीवों और मानवो पर देखना चाहता था। वह कुछ जानवरों को पिंजरे में लाया पर उसकी लापरवाही से जानवर भाग गए। उसके पास समय कम था। किसी और अनुसंधानकर्ता या जांच एजेंसी के उस छोटे से स्थान तक पहुँचने से पहले ही उसे एक विस्तृत रिपोर्ट बनानी थी।

नोमन को याद आया की शहर से दूर वीरान आखरी पेट्रोल पंप पर उसे एक स्थिति-भ्रमित, भूखी-अधमरी औरत दिखी थी। वह उसे खाना खिलाने का लालच देकर अपने कारवान वाहन में उस स्थान पर ले आया। फ़ोन पर अपने पिता से जब नोमन ने बात बांटी तो उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी निरीह पर ऐसे प्रयोग  करना ठीक नहीं। पर नोमन अपना मन बना चुका था। उसने अपने पिता की बात को अनसुनी कर कहा - "मानवता की तरक्की के लिए कुछ कुरबनियां तो देनी पड़ती है।"

नोमन ने उस औरत को उन फिरोज़ी अनानासों से अपनी भूख शांत करने को कहा। औरत ने ऐसा ही किया जबकि इधर नोमन अपने कैमरे, डायरी एवम अन्य उपकरणों से औरत की गतिविधियों पर नज़र रखने लगा। प्रयोग में किसी खतरे से बचने के लिए उसने अपना वाहन बंद कर लिया। बाहर वह औरत जैसे किसी रियासत की मालकिन हो गयी थी। सभी फिरोज़ी अनानासो का अकेले सत्यानाश करने की मंशा बना ली थी उसने।

कुछ अनानास खाने के बाद उस औरत की तबियत बिगड़ने लगी। जितना खाया उस से ज़्यादा उल्टी में निकाल दिया। लो बेड़ागर्क जाए नोमन का अब औरत भी फिरोज़ी हो गयी। औरत सामान्य हुयी और गाडी में बैठे नोमन की तरफ देखा। औरत चीते सी दौड़ती हुयी उस गाडी के पास आई और उसे खोलने की कोशिश करने लगी। नोमन दुखी था पर अपनी सुरक्षा के प्रति उस बख्तरबंद सी गाडी में निश्चिंत था। तभी फिरोज़ी महिला ने गाडी पर फिरोज़ी उल्टी की और गाडी की शीट का बड़ा हिस्सा पिघल गया। फिर वह अंदर घुसी और नोमन को खा गयी। बहुत बुरा हुआ!

पर जैसा नोमन ने कहा था - "मानवता की तरक्की के लिए कुछ कुरबनियां तो देनी पड़ती है।"

समाप्त!

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Monday, December 14, 2015

Micro Fiction Experiments - 4 & 5 #trendster

Micro Fiction Experiment # 04 (Theme - Sports)


*) - कुछ खिलाडी असल रिकार्ड्स की जगह सिर्फ घरेलु, जूनियर्स लेवल और किवदंतियों का हिस्सा बनने के लिए दुनिया में आते है। हाँ...ये बात और है जिसने भी उन्हें खेलते देखा, वो उन्हें कभी भुला नहीं सका। 

*) - जब फिटनेस थी तब अक़्ल का अकाल था। अब अक़्ल आयी तो शरीर पेट कटा ष सा हो लिया...भक!

*) - कहने को तो रजत पदक, कांस्य पदक से ऊपर माना जाता है पर मेडल सेरेमनी के बाद पता नहीं क्यों कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाडी की नींद मिलीसेकेंड, आधे पॉइंट् को याद कर करवट बदलते रजत पदक जीतने वालो से गहरी होती है। सबसे बदतर स्थिति, सेमीफाइनल में आकर पदकरहित रहने वालों को तो भैया पूरे मोहल्ले की अनिद्रा एकसाथ लग जाती है। 

*) - टीम के वर्ल्ड कप फाइनल में पहुँचने का ऐसा जश्न मनाया कि नाच-नाच में टीम के MVP का कंधा डिस्लोकेट हो गया और बाद में उसकी अनुपस्तिथि में कप हारे सो अलग। बन ली नचनियां?... ले ले कददू अब...हप!

*) - कल जो अपने प्रशंषको को अक्सर अपनी सिक्योरिटी से पिटवा दिया करता था, आज अपने धूमिल चर्चों के पुराने अख़बारों की कटिंग फेसबुक-ट्विटर पर बड़ी शिद्दत से स्कैन करके डालता है। 

*) - एक औसत देश में पैदा हुआ विश्वस्तरीय खिलाडी अक्सर किसी विश्वस्तरीय (मापदंड देने वाले) देश में पैदा हुए औसत खिलाडी से हार जाया करता है। 

*) - कुछ लोग अपने 5-7 प्रदर्शनों के बल पर सुपरस्टार्स बन जाते है जबकि कई पूरे करियर मज़दूरों की तरह तिनका-तिनका यश-सम्मान बटोरते है।

*) - इंसान के एक से अधिक पसंदीदा खेल होने चाहिए। अगर किसी खेल में निराशाजनक सीज़न चल रहा हो तो अन्य जगह से कुछ दिलासा सा मिल जावे। 

*) - इस खेल में चोटिल होना आम बात है, पर बीच मैदान में उसकी चीत्कार बता रही थी कि वो चोट अलग थी। करियर का क़त्ल करने वाली विरल चोट! 

*) - अगर वो 35 साल तक रिटायर होती तो महान खिलाडी कहलाती पर 42 वर्ष तक खेल को घसीट कर उसने अपने सर्वोत्तम रिकॉर्ड को साधारण बना डाला। 

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Micro Fiction Experiment # 05 (सपने वाले अंकल जी)


एक रात वृद्ध अंकल जी को अचानक सपने दिखने लगे।
रंग-बिरंगे, प्रकृति के, खेल-खिलोनो के, बच्चो के, समुद्र के, युद्ध के, मौसम के, अश्लील वाले, यात्रा के और विभिन्न विजुअल्स। 

सपने उन्हें आते थे कभी कबार पर इतने अधिक और इस तरह के रोलरकोस्टर दृष्टांत तो कतई नहीं। 
अंदाज़ लगाया कि शायद ईश्वर ने उन्हें मरने से पहले अपने आस-पास मौजूद दूसरो के सपने देखने की शक्ति दी है, चलो इस बहाने रोज़ नींद में ही सही कुछ मनोरंजन हो जाएगा। 

ध्यान केंद्रित कर उन्होंने किसी भी व्यक्ति के नये-पुराने सपने पढ़ने की शक्ति अर्जित कर ली, चलो इस बहाने संपत्ति का अधिक हिस्सा किसे दूँ यह निर्णय हो जाएगा। 
पहले बेटे के सपने नीरस थे, हुंह जैसे ये कुछ नहीं बोलता वैसे ही इसके सपने भी बोगस। छोटे बेटे के सपने देखता हूँ, वो मुझे बहुत प्यार और सम्मान देता है। 
अरी मईया! पहले ही सपने में मेरी चिता जला कर उसके अराउंड शादी के फेरे ले रहा है। अब ना देने का इसे रुड़की वाला प्लाट। 

छोटे बेटे के कई सपनो में बूढ़े अंकल ने अपनी मौत, पिटाई, बेइज़्ज़ती देखी। 
वैसे तो बड़ा भी कुछ ख़ास नहीं पर लुच्चो की इस टक्कर में कुछ दशमलव अंको से मैं उसे जिताता हूँ। ज़्यादा संपत्ति बड़े को, बाकी थोड़ा बहुत हिस्सा राम गोपाल वर्मा के उस विकृत रूप, मेरे छोटे बेटे को। 

अंकल ये भी हो सकता था कि आपके छोटे बेटे को मनोविज्ञान, अपराध, डार्क आदि विषयों में रूचि हो और आप उसके दिल के सबसे करीब होने के कारण उसके विकृत ख्वाबों में कहीं ना कहीं आ जाते हों। अंकल-अंकल....लो बिना ये विचार किये ही काल के ग्रास में समा गए अंकल !  

- मोहित शर्मा (ज़हन) 
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#mohitness #mohit_trendster #freelancetalents #trendybaba

Saturday, December 12, 2015

3 Micro Fiction Experiments (Mohit Trendster)

Mohit Trendster's Micro Fiction Experiments (Youtube Playlist)


Micro Fiction Experiment # 01 - Theme: अपहरण (Kidnapping)


*) - बाहरी लोग सही कहते थे जंगली लोग जादू-टोना करते है। दो महीनों तक घने जंगल की गुमनामी में बंधक बना पर्यटकों का दल आज उन्हें बचाने आये कमांडोज़ और उनके अपरहरणकर्ता कबीले वालों के बीच में ढाल बनकर खड़ा था। 

*) - बब्बन पाशा चिंतित था। बड़े गुटों के कुछ आत्मघाती, अपहरण मिशन फेल हुए तो बिल उसके गिरोह के नाम फाड़ दिया गया। अब भारी सुरक्षा से उसने एक विदेशी राजनयिक को अगवा किया तो कोई मान के नहीं दे रहा उल्टा उसके आतंकी संगठन से मिलते जुलते नाम वाले संगठन को श्रेय दिया जा है खबरों में। 

*) - क्रोध में बिलबिलाता पर कुछ करने में असमर्थ मोज़ेस ठगा सा महसूस कर रहा था क्योंकि एक तो वह नास्तिक था और तो राजनीती वगैहरह में नहीं पड़ता था। बेचारा बस एक टेनिस मैच देखने आया था, वो भी जीवन में पहली बार। अब किन्ही धर्मों की लड़ाई में उसको क्यों किडनैप कर लिया गया। 

*) - विभोर ने बंदूकें फिल्मों में ही देखी थी। उसका मन थर-थर काँप रहा था जबकि बाहर से उसका स्थिर-शांत तन तरह-तरह की भाव भंगिमाओं से अपनी 4 साल की बच्ची का समस्या से ध्यान बँटाने और सब ठीक हो जाने का दिलासा देने में लगा था। 

*) - किटकिटाते दांतों से खुद को गरियाने की कोशिश करती गरिमा सोच रही थी कि जहाँ भाग कर आयी उस वीराने में इस दन्त-कुड़कुड़िया सर्दी से बेहतर तो वो गुंडे ही रख रहे थे। 

*) - बंगले के बाहर जमा किडनैपर गुट का मकसद हत्या नहीं था, पर दंगों से उबर रहे शहर में अफवाहें ज़ोरो पर थी। दुछत्ती में छिपे परिवार के अन्य सदस्यों की जान बचाने के लिए माँ ने रो रहे नवजात का गला घोंट दिया। 

*) - अब उसे पता चला कि गिरोह के सरगना ने बंधक से आँखें मिलाने को क्यों मना किया था। जाने क्यों अपने किडनैपर को भी उम्मीदों से देख रहीं थी वो आँखें...कसम से अगर 2 क्षण उन आँखों में और देख लेता तो साइड बदल कर उन्ही का हो जाता। 
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Micro Fiction Experiment # 02 - Theme: Science


*) - कृतिम रूप से लैब में निर्मित चींटी, दल में घुसपैठ करने के बाद समझ नहीं पा रही थी कि उसकी प्राकृतिक बेवकूफ बहनो में मेहनत और अनुशासन की इतनी सनक क्यों सवार है। 
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*) - रोज़ाना ज़िन्दगी से छोटे-बड़े समझौते करते हुए जिस प्रयोग में उसने अपना जीवन समर्पित कर दिया, जब वह लगभग पूर्णता पर था...तब खबर आयी कि वैसा ही प्रयोग दुनिया के किसी साधन-संपन्न वैज्ञानिक ने कर दिया है। 
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*) - जो प्रजातियां प्रयोग के लिए चाहिए थी, असिस्टेंट उनके बजाये दिहाड़ी मज़दूर ले आया। 
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*) - जेनेटिकली मॉडिफाइड क्रॉप्स (जनुकीय परावर्तित अन्न) फ़ल-सब्जी के सेवन पर व्रत में मनाही थी। सूखा ग्रस्त क्षेत्र में भी उस भोजन का आधार जीवाणु की कोशिका का मांसाहार अंश धर्म-भ्रष्ट करने को काफी थी। 
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*) - जिस हथियार के आविष्कार से उसे विश्व में नाम, मान-सम्मान मिला.....बाद में उसे बनाने की ग्लानि में ही उसने अपनी जान ली। 
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*) - आज को जिन युगों ने इतनी रफ़्तार दी, खैरात में मिली उन रफ्तारों के योग पर सवार यह पीढ़ी पुराने युगों की धीमी रफ्तारों का कितनी आसानी से मज़ाक बना लेती है!
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Micro Fiction Experiment # 03 (नासमझ इतिहास)


*) - अठारवीं सदी की बात है, दुनिया के सबसे दुर्गम नोलाम द्वीप पर तब तक कोई मानव नहीं पहुंचा था। 

*) - बेहतर जहाज़ों और तकनीकों के बल पर दुनिया के तीन शक्तिशाली देशों में वहाँ सबसे पहले पहुँचने की होड़ लगी थी। 

*) - एक देश द्वारा दल भेजे जाने की खबर के तुरंत बाद बाकी दोनों देशों ने भी आनन-फानन में अपने जहाज़ी दस्ते रवाना किये। 

*) - देश A और देश C लगभग एकसाथ वहां पहुंचे। संचार का कोई माध्यम ना होने के कारण अब एक ही रास्ता बचा था। 

*) - A और C के जहाज़ी दलों में एक दूसरे को समाप्त करने के विध्वंसक युद्ध छिड़ गया। 

*) - कुछ घंटो बाद आखिरकार देश C के दल ने देश A के क्रू को ख़त्म करने के साथ-साथ उनका जहाज़ डुबो दिया।

*) - दल C के कप्तान और 4 सदस्य ज़िंदा बच पाए, तभी उन्हें देश B का जहाज़ आता दिखा। 

*) - अब दुनियाभर  में इतिहास की किताबों में पढ़ाया जाता है कि दुर्गम नोलाम टापू पर सबसे पहले देश B के लोग पहुँचे। 
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